KESHAV & SHARMA JI : FLAT TIRE

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Dr. G.Singh

 

भड़ाम …..

शर्मा : अरे केशव जी यह धमाका कैसा था
केशव : अरे कुछ नहीं वह सामने देखिये गाड़ी का टायर फटा है
शर्मा : अच्छा
केशव : आईये अंदर बैठ कर चाय पीते हैं
शर्मा : नहीं आइये टायर बदलने मैं मदद करते हैं
केशव : आपको टायर बदलना आता है
शर्मा : नहीं | पर आपको आता है ना  
केशव : हा आता  इस सड़क पर टायर पंचर होते रहते है कोई नई बात नहीं है |  खुद बदल लेंगी आप आइये
शर्मा : अरे केशव जी देखिये लड़कियां हैं
केशव : तो
शर्मा : हमे मदद करने जाना ही होगा
केशव : ठीक है चले चलते है पर उनको हेल्प मांगने तो दीजिये
शर्मा : आप भी न शर्मा जी पुरे महिला विरोधी है  आप बताये अगर कोई लड़का होता तो भी क्या आप मदद मांगने का इंतज़ार करते |
केशव : शर्मा जी आपने कब मुझे आखिरी बार टायर बदलते देखा
शर्मा : याद नहीं
केशव : याद इस लिए नहीं क्योंकि मैं बिना मांगे मदद करने नहीं जाता फिर सामने चाहे कोई लड़का हो या लड़की
शर्मा : चलिए मान’लिया पर शायद उनको टायर बदलना नहीं आता है |
केशव : कैसे जाना आपने
शर्मा : देखिये दोनों लड़कियां इधर उधर देख रही है
केशव : वह सिर्फ इंतज़ार कर रही है की कोई शर्मा अपने कपडे ख़राब करने खुद आ जायेगा
शर्मा : अच्छा  आपको कैसे पता
केशव  : दो वजह से
केशव : पहली हिंदुस्तान मैं शर्मा बहुत हैं
केशव : दूसरी’५ मिनिट हो गए अभी तक उन्होंने मदद नहीं मांगी | इसका मतलब है उनको मदद नहीं चाहिए
शर्मा : इसका मतलब यह भी तो हो सकता है की कोई जेन्टलमैन आ जाये
केशव : वही तो मैंने कहा ना
शर्मा : आपका मतलब है सिर्फ कपडे ख़राब होने के डर से हम मदद ना करें
केशव : क्यों ना आज उनको खुद अपने कपडे ख़राब करने दें
शर्मा : और अगर उनको वास्तव मैं टायर बदलना न आता हुआ
केशव : तो उनको मदद मांग लेनी चाहिए
शर्मा : तो आइये फिर यहीं बाहर बैठते है ताकि अगर उनको जरूरत हो तो
केशव : ठीक
शर्मा : देखिये मोतीलाल आ रहा है
केशव : अरे मोतीलाल जी इधर आ कर बैठिये
मोतीलाल : अब कहिये केशव जी
केशव : अरे कुछ नहीं हम पता लगाने की कोशिश कर रहे थे की उन लड़कियों को तैयार बदलना नहीं आता या कपडे ख़राब होने का डर है
मोतीलाल : बढ़िया
केशव : देखिये केशव जी टायर बदलना शुरू हो गया
शर्मा : आपने  सही कहा था सिर्फ कपडे ख़राब होने का डर था
मोतीलाल : अगर हम बिना जरूरत मदद करना छोड़ दे तो शायद मौके का फायदा उठाने की आदत छूट जाये
केशव : बिलकुल मोतीलाल जी बिना वजह जेंटलमैन ना बन कर ही हम महिलाओं की वास्तविक मदद कर सकते हैं
शर्मा : सही बात है

 

 

Translated by Deepak Mittal

BOOM!!! HISS!!!

Sharma : Hey Mr. Keshav, what is this sound?

Keshav : Nothing more, look there. The vehicle’s tire got punctured.

Sharma : Ok

Keshav : Let’s come inside & we will have tea.

Sharma: No. we will go & help in changing tire.

Keshav : Do you know how to change tire?

Sharma : No. but you know it right?

Keshav : Yes I know. On this road tire generally got punctured. It’s not a new thing. They will change the tire by themselves.

Sharma: Mr.Keshav, those are girls.

Keshav : Then?

Sharma : We should go & help them.

Keshav : Ok, we will go. But let them ask for help.

Sharma : Mr. Keshav, you are completely anti-women. If there would be boys, then also you would have waited till they ask for help.

Keshav : Sharma Ji, when the last time did you see me changing any tire?

Sharma: I don’t remember.

Keshav : You don’t remember because I don’t help people without them asking for help. It may be boys or girls.

Sharma : Ok. But maybe they don’t know how to change a tire.

Keshav : How do you know?

Sharma : See, both girls are looking here & there.

Keshav : They are just waiting that someone like Sharma will come to dirty his cloths by his own.

Sharma :Oh really! How do you know?

Keshav : There are 2 reasons..

Keshav : Firstly , there are many Sharma in India.

Keshav: Secondly , it’s been 05 mins & they did not ask for any help.

Sharma : There may be chance that some gentleman will come.

Keshav : This is what I told.

Sharma : You mean to say, just because the fear of our cloths getting dirty, we should not help.

Keshav: Lets them make their cloths dirty today.

Sharma : And if they really don’t know how to change a tire?

Keshav : Then, they should ask for help.

Sharma : Ok. Then we sit here only. In case they ask for any help.

Keshav: Ok.

Sharma : See, Mr. Motilal is coming.

Keshav : Hey, Mr. Motilal, come & sit here.

Motilal: Yes, Mr. Keshav. Now you tell.

Keshav: We are just trying to find out that those girls know how to change a tire or they are just avoiding their cloths getting dirty.

Motilal: Oh. Good!

Keshav: See, they started changing the tire.

Sharma: You were right. They were just avoiding their cloths getting dirty.

Motilal: If we will stop helping when they don’t need it, then perhaps their habit of taking advantage of situation will go.

Keshav : By not being gentleman without any reason, we can support the women in reality.

Sharma : Its right!

Graphics by … …

 

 

 

DAMAN WELFARE SOCIETY

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