KESHAV & SHARMA JI : DIVORCE

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Dr. G.Singh

केशव : अरे क्या हुआ शर्मा जी बहुत दुखी दिखाई दे रहे हैं |
शर्मा : क्या बताऊँ केशव जी कलयुग आ गया बस |
केशव : ऐसा क्या हो गया
शर्मा : अपने रामधन की बिटिया की पिछले साल शादी हुई थी उसका कल तलाक हो गया |
केशव : बढ़िया
शर्मा : बढ़िया आप शायद मजाक कर रहे हैं
केशव : नहीं शर्मा जी मेरे विचार से बढ़िया हुआ पति पत्नी की नहीं बन पायी आराम से अलग हो गए
शर्मा : अरे पर शादी ऐसे ही थोड़े टूट सकती है | शादी जन्मों का बंधन है

केशव : चलिए आप बात ही मान जी की शाद्दी जन्मों का बंधन है | पर अब होगा क्या
शर्मा : होगा क्या रामधन अपनी लड़की के लिए कोई और लड़का तलाश करेगा
केशव : मतलब सायद 1 या 2 साल मैं लड़की का घर बस जायेगा
शर्मा : हाँ शायद
केशव : मतलब कोई बहुत बड़ा तूफान तो नहीं आ गया
शर्मा : कहना क्या कहते हैं आप केशव जी
केशव : चलिए आपकी बात को विस्तार से समझते हैं आइये मेरे साथ

शर्मा : कहाँ
केशव : रोशन के घर  और आप कुछ बोलेंगे नहीं बस चुप रह कर सुनिए
शर्मा  : ठीक है

रोशन के घर पर

रोशन : आइये केशव जी बहुत दिनों बाद दर्शन दिए
रोशन : अरे शर्मा जी आप भी साथ है आज तो घर के भाग्य जग गए
केशव : रोशन जी आज तो चाय पीने आये है
रोशन : कैसी बात कर दी केशव जी | चाय तो आएगी ही

चाय का आदेश देने के बाद

केशव : और रोशन जी आप कैसे है और बिटिया कैसी है
रोशन  : केशव जी आपसे क्या छुपाना | आप तो सब जानते ही है
केशव : कुछ आगे बात बढ़ी
रोशन : 15 साल हो गए | सब कुछ कर के देख लिया पर मुरारी (बिटिया का पति) बिटिया को ले जाने के लिए ही तैयार नहीं हो रहा
केशव : क्या क्या कर के देख लिया
रोशन : आपको तो सब मालूम ही है |
रोशन : समझा कर भी देखा |
रोशन : दहेज़ का केस भी कर के देख लिया |
रोशन : लड़के को जेल भी भिजवाया |
रोशन : लड़के का लाखों रुपया भी लगवा दिया पर फिर भी तैयार नहीं घर बसने के लिए
रोशन : अब तो समझ ही नहीं आ रहा और क्या करें
केशव : तलाक क्यों नहीं ले लेते
रोशन : अब लड़की की उम्र 40 पार कर गयी अब तलाक लेकर क्या करेगी |
केशव : 15 साल पहले ही तलाक ले लिया होता तो सायद बढ़िया रहता ना
रोशन : उस वक़्त यह कहाँ सोचा था | और फिर बिटिया भी राजी कहाँ थी
केशव : ठीक आप अगर कहें तो मैं बिटिया से कुछ बात करूँ |
रोशन : हा हा क्यों नहीं

रोशन के जाने के बाद

केशव : हा तो बिटिया तुम्हारा डाइवोर्स का केस कहाँ तक पहुंचा
बिटिया : अभी फॅमिली कोर्ट से फैंसला आने वाला है
केशव : तलाक का केस तुम्हारे हस्बैंड ने लगाया था न
बिटिया : जी हाँ
केशव : क्या लगता है डाइवोर्स मिल जायेगा तुम्हारे पति को
बिटिया : जी है लगता तो है मिल जायेगा
केशव : तो उसके बाद तुम्हारा क्या प्लान है
बिटिया : हाई कोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट मैं भी अपील करना है
केशव : क्या लगता है सुप्रीम कोर्ट से रिजल्ट कब तक आएगा
बिटिया : सायद १० से २० साल लग जायेंगे
केशव : उस वक़्त तुम्हारी उम्र कितनी होगी
बिटिया : मतलब
केशव : चलो छोडो यह बताओ अगर सुप्रीम कोर्ट ने भी तलाक दे दिया तो
बिटिया : तब तक उसकी उम्र ६० से ऊपर हो चुकी होगी
केशव : और तुम्हारी कितनी होगी
बिटिया : … …
केशव : चलो छोडो और यह बताओ इस सबमे तुम्हे क्या मिलेगा
बिटिया : शायद कुछ नहीं
केशव : अब यह बताओ की तुम यह सब क्यों करना चाहती हो
बिटिया : उसने मेरी लाइफ बर्बाद कर दी मैं उसे छोडूंगी नहीं
केशव : उसने तुम्हारी लाइफ कैसे बर्बाद कर दी
बिटिया : तलाक कोई छोटी बात है क्या
केशव : यह तो पर्सनल मामला है ना
बिटिया : क्या मतलब
केशव : मेरे लिए तलाक कोई बहुत बड़ा मामला नहीं है | और सायद तुम्हारे पति के लिए भी नहीं
बिटिया : पर मेरे लिए है
केशव : बिलकुल सही कहा तुमने | मैं बस यही सुनना चाहता था
बिटिया : जरा खुल कर बताइये
केशव : देखो तलाक को तुमने अपने लिए समस्या बनाया हुआ है | और यह तुम्हारा पर्सनल मामला है | अगर मैं गलत नहीं हूँ तो यह विचार तुम्हे तुम्हारे माता पिता से ही मिले हैं | पर इस सब की सजा तुम्हारे पति और उसके परिवार को मिली |
बिटिया : … …  …
केशव : देखिये शर्मा जी झगड़ा इस बात का नहीं कौन गलत है |  झगड़ा सिर्फ इस बात का है की बिटिया तलाक को अपने जीवन का अंत मान कर बैठ गयी है
शर्मा : अगर ऐसा नहीं होता तो क्या होता
केशव : तो आज से १५ साल पहले ही दोनों शांति से अलग हो जाते और अपना अपना घर बसा चुके होते | अब उसका पूरा परिवार सजा काट रहा है सिर्फ इस लिए क्योंकि रोशन ने बिटिया को सिखाया की तलाक मतलब एन्ड ऑफ़ लाइफ
शर्मा : तो हमे क्या करना चाहिए
केशव : अपने बच्चों को यह सिखाओ की डाइवोर्स लाइफ का अंत नहीं है | बल्कि अगर शादी नहीं चल पा रही तो अलग हो कर अपनी लाइफ शांति से गुजारें
शर्मा : ठीक कहा आपने | अब  मदद कैसे की जा सकती है | क्या हम मुरारी से मुलाकात करें
केशव : नहीं शर्मा जी उससे कोई फायदा नहीं होगा
शर्मा : क्यों भला
केशव : क्योंकि उसने जो नरक भुगतना था भुगत लिया | अब उसके दिल मैं सिवाए बदले की भावना के कुछ नहीं होगा | और हम इस बारे मैं कुछ नहीं कर पाएंगे
शर्मा : फिर भी कोशिश तो करनी ही चाहिए
केशव : तो कोशिश बिटिया पर कीजिये इसे समझाइये की तलाक से जीवन का अंत नहीं हो रहा |
शर्मा : ठीक
केशव : आईये चले हम लोग

वापिस लोट कर

केशव : हां तो शर्मा जी क्या समझ  मैं आया आपके
शर्मा : सिर्फ इतना की रोशन ने अपनी बिटिया को सिखाया की तलाक के बाद ज़िंदगी नरक हो जाती है | और उसकी बिटिया ने अपने पति की ज़िंदगी नरक बना दी साथ मैं अपनी भी बना ली |
शर्मा : पर केशव जी इलाज क्या है
केशव : क्या हम अपने बच्चों को आत्मनिर्भर नहीं बना सकते उनको सिखाएं की तलाक को TABOO नहीं है |
शर्मा : पर इसका मतलब यह तो नहीं की छोटी छोटी बातों पर अलग हो जाएँ
केशव : मामला छोटी या बड़ी बात का नहीं | मामला सिर्फ इतना है की 2 लोग साथ निभा सकते हैं या नहीं
शर्मा : तो रोशन के मामले मैं कुछ कर सकते हैं हम लोग
केशव : नहीं अगर मैं गलत नहीं तो बिटिया सिर्फ बदला लेना चाहती है अपने पति से उस जुर्म का जो उसके माँ बाप ने किया
शर्मा : आप कह रहे हैं की उसके पति ने कोई जुर्म नहीं किया
केशव : बिलकुल आप बताइये बिटिया के दिमाग मैं यह बात कैसे आई की तलाक के बाद सब ख़तम
शर्मा : रोशन ने सिखाया
केशव : मुरारी को उसके माँ बाप ने आने वाले कल के लिए तैयार किया रोशन ने अपनी बिटिया को नहीं किया अब मुजरिम कौन हुआ
शर्मा : इस तरह से देखा जाये तो रोशन ही हुआ
केशव : और सजा किसे मिली
शर्मा : मुरारी को
केशव : तो क्या अब वह बदला नहीं लेगा
शर्मा : शायद  लेगा
केशव : तो क्या हम लोग कुछ कर पाएंगे
शर्मा : सायद नहीं
केशव : तो क्यों न हम अपना वक़्त बर्बाद न करते हुए अपने अपने बच्चों को आने वाले कल के लिए  तैयार  करें
शर्मा : फिर भी कुछ तो करना चाहिए
केशव : जरूर करिये मैं रोक थोड़े ही रहा हूँ
शर्मा : तो कोई राय दीजिये ना
केशव : चलिए सामने जूस सेण्टर पर जूस लेते है बाकि फिर कभी देखेंगे
शर्मा : ठीक

Daman Welfare Society

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