KESHAV & SHARMA JI : EQUALITY

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Dr. G.Singh

 

शर्मा : नमस्कार शर्मा जी
केशव : आइये केशव जी
शर्मा : आज एक काम से आया हूँ आपके पास
केशव : बताइये अगर मेरे हाथ मैं हुआ तो
शर्मा : अपने वर्मा जी की वाइफ का आपने ट्रांसफर कर दिया
केशव : हां वह छुटी पर चली गयी है अभी तो
शर्मा : उनका ट्रांसफर रुकवाना होगा आपको
केशव : क्यों भाई ट्रांसफर ही तो हुआ है
शर्मा : महिला हैं इतनी दूर नहीं जा पाएंगी
केशव : तो नौकरी छोड़ सकती है
शर्मा : सरकारी नौकरी ऐसे ही छोड़ी जाती है क्या
केशव : सरकारी नौकरी है तो ड्यूटी पर भी जाना ही होगा न | जिस गाओं मैं भिजवाया है वहां जरूरत है
शर्मा : गाओं मैं कोई आदमी (पुरुष) चला जायेगा
केशव : ऐसा क्यों शर्मा जी जो तकलीफ महिला को है वही तकलीफ पुरुष को भी तो होगी ना
शर्मा : हम्म
केशव : चलिए ऐसा करते है वर्मा जी की वाइफ लिख कर दे दें की “मैं किसी पुरुष के बराबर मेहनत नहीं कर सकती या नहीं करना चाहती
शर्मा : ऐसा कैसे आप क्या महिलाओं को पुरुषों से कम मानते हैं
केशव : नहीं इसी लिए ही तो ट्रांसफर किया है
शर्मा : आप उनकी सुरक्षा के बारे मैं भी तो सोचिये
केशव : चलिए फिर यह लिख कर दे दें “जिस गाओं मैं मेरा ट्रांसफर किया जा रहा है उस गाओं के सभी पुरुष बलात्कारी तथा अपराधी है
शर्मा : ऐसा कैसे हो सकता है
केशव : चलिए आप बताइये की क्या हो सकता है
शर्मा : वर्मा जी की वाइफ को घर के सब काम करने होते हैं ड्यूटी पर जाने से पहले
केशव : यह उनके घर का मामला है जिससे मेरा कोई लेना देना नहीं है
शर्मा : वास्तव मैं आपको कोई लेना देना नहीं है |
केशव : नहीं
शर्मा : आपकी अपनी लड़की होती तब भी यही कहते आप
केशव : मैं अपनी लड़की से कहता की एक नौकर या नौकरानी रख ले उचित वेतन पर
शर्मा : केशव जी आप नहीं करेंगे तो क्या ट्रांसफर नहीं रुकेगा
केशव : बिलकुल रुकेगा मेरे ऊपर भी बहुत लोग हैं निचे भी जिनके लिए सिर्फ यही मायने रखता है की किसी महिला को कोई तकलीफ न हो
शर्मा : तो आप बिलकुल इंकार कर रहे हैं
केशव : अगर आप महिला होने के कारण ट्रांसफर रोकने को कहते हैं तो साफ इंकार है

 

 

Translated by Deepak Mittal

Sharma: Hello Mr. Keshav.
Keshav: Please Come Sharma Ji.
Sharma: I have come for a work today.

Keshav: Tell me. I will do if it’s in my hands.
Sharma: You transferred Mr. Verma’s wife?

Keshav: Yes. But she has gone on leave now.
Sharma: You have to cancel her transfer.

Keshav: Why, brother? It’s just a transfer.
Sharma: She is a woman. She will not be able to go so far.

Keshav: So, she can quit the job.
Sharma: Who quits the government job like this?

Keshav: If it’s a government job then duty also has to done. The village she is being sent, there is requirement.

Sharma: Any man can go in the village.

Keshav: Why is that Sharma ji? If it’s a problem to a woman, then it’s the same problem to a man also.
Sharma: Hmm

Keshav: Let’s do this. Mr. Verma’s wife should give in written that “I cannot work or do not want to work as equal to any man”
Sharma: How can you treat women lower than men?

Keshav: No, I don’t. That’s why, she has been transferred.
Sharma: You should think about her safety too.

Keshav: Let’s take in written from her that: “All the men in that village where I am being transferred are rapists and criminals.”
Sharma: How can it be?

Keshav: Ok, you tell what can be done?

Sharma: Verma’s wife needs to do all the homely work before going to duty.
Keshav: It is their personal matter. I have nothing to do with that.
Sharma: Really, you have nothing to do with that?

Keshav: No.
Sharma: Even if it was your daughter, then you would have said the same thing?

Keshav: I would have told my daughter to keep a servant or maid on a proper salary.
Sharma: If Mr. Keshav you will not stop then this transfer will not stop?

Keshav: It will stop definitely. These are too many people above & below me. For them only matters that there should not be problem for any woman.
Sharma: So you’re totally refusing?
Keshav: If you asking to stop the transfer just because she is a woman, then it is clearly denied.

 

NOTE : Based on News Published in News Paper

 

 

DAMAN WELFARE SOCIETY

www.daman4men.in

 

 

 

3 Comments

  1. तकलीफ सहने का सारी जिम्मेदारी तो सिर्फ पुरुषों के जिम्मे आती है,😢😢😢😢😢😢😢😢😢😢

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